तस्वीर
तस्वीर

कल को जो था भागता घमंडी वक़्त,
आज उसको ठहरा हुआ सा देखा है,
कल जो थे मेरे हालात अनसुलझे से,
आज उन्हें सुलझा हुआ सा देखा है,
क्योंकि सालो पुरानी वो तस्वीर को,
हमने फिरसे निकाल के देखा है ।।
आज उसको ठहरा हुआ सा देखा है,
कल जो थे मेरे हालात अनसुलझे से,
आज उन्हें सुलझा हुआ सा देखा है,
क्योंकि सालो पुरानी वो तस्वीर को,
हमने फिरसे निकाल के देखा है ।।
दिलकी गहराई में रहते थे जो ।
आज वो आसमान में उड़ रहे ।।
हमारे हाथ पे हाथ रखते थे जो ।
आज वो हमारे आस पास भी न रहे ।।
हमारी आवाज़ सुनके रातको सोते थे जो ।
आज वो रातभर अपनी यादो से रुला रहे ।।
आज वो आसमान में उड़ रहे ।।
हमारे हाथ पे हाथ रखते थे जो ।
आज वो हमारे आस पास भी न रहे ।।
हमारी आवाज़ सुनके रातको सोते थे जो ।
आज वो रातभर अपनी यादो से रुला रहे ।।
मुस्कुराहट देख तस्वीर में उनकी ।
खुदको मुस्कुराते हुए देखा है ।।
पास रख के तस्वीर को उनकी ।
उन्हें अपने से दूर जाता देखा है ।।
उनसे दूर रहकर भी खुश है हम, क्योंकि ।
मंजिल के करीब आज उनको देखा है ।।
खुदको मुस्कुराते हुए देखा है ।।
पास रख के तस्वीर को उनकी ।
उन्हें अपने से दूर जाता देखा है ।।
उनसे दूर रहकर भी खुश है हम, क्योंकि ।
मंजिल के करीब आज उनको देखा है ।।
सिखायत नही तस्वीर से उनकी, न ही कोई गुस्सा है ।
क्या बताये अब तुमको, जब तस्वीर ही अधूरा किस्सा है ।।
क्या बताये अब तुमको, जब तस्वीर ही अधूरा किस्सा है ।।
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