समय

छुप -छुप कर ऐसे ….. न धीरे से अपराध करो ,
आबाद करो खुद को, मत समय को बर्बाद करो।
आबाद करो खुद को, मत समय को बर्बाद करो।
ये वक़्त भाग रहा है …..देखो बादलों को चीर कर ,
रोकना कठिन है इसको ,जंजीरों से कैद कर ।
रोकना कठिन है इसको ,जंजीरों से कैद कर ।
हर क्षण हो रहा है ……एक तैयार नया “दावेदार “,
जो मात देने आएगा ,भविष्य में आर-पार।
जो मात देने आएगा ,भविष्य में आर-पार।
तुम उस घड़ी में लड़ने को ……पहले से तैयार बनो ,
“विधार्थी “जीवन में, हर तलवार की ढाल बनो ।
“विधार्थी “जीवन में, हर तलवार की ढाल बनो ।
रोज़ प्रतियोगी परीक्षायों में ….लाखों फॉर्म भरते हैं ,
सिर्फ कुछ चुनिंदे ही ,उनमे स्थान ग्रहण करते हैं।
सिर्फ कुछ चुनिंदे ही ,उनमे स्थान ग्रहण करते हैं।
जो वक़्त को हराकर ……..उस पर सवारी करता है,
वही सही समय पर ,अपना सपना पूरा करता है ।
वही सही समय पर ,अपना सपना पूरा करता है ।
हम आज छुप-छुप के ….. धोका देते हैं माँ-बाप को ,
पढने के बहाने , “Chatting ” करते आधी रात को ।
पढने के बहाने , “Chatting ” करते आधी रात को ।
Mobile Games की लत ने ……हमको कर दिया बेकाबू है,
T .V ,Internet के शौक से ,हर कोई बन रहा “बाबू” है ।
T .V ,Internet के शौक से ,हर कोई बन रहा “बाबू” है ।
जो वक़्त की कदर करके …….उसके साथ प्रीत निभाएगा ,
वो हर इम्तिहान में ……अव्वल दर्जे का स्थान पायेगा ।
वो हर इम्तिहान में ……अव्वल दर्जे का स्थान पायेगा ।
वक़्त बड़ा बलवान ……इसको हर युग में समझना पड़ेगा ,
कल घड़ी की सुईं थी ,और आज Twitter पर Tweet कर पढ़ना पड़ेगा ।
कल घड़ी की सुईं थी ,और आज Twitter पर Tweet कर पढ़ना पड़ेगा ।
वही पहले वाली सोच …….. लौट आएगी दोबारा,
जब मुर्गे की बाँग से ,उठता था जग सारा ।
जब मुर्गे की बाँग से ,उठता था जग सारा ।
आज मुर्गे की नहीं …..सिर्फ ये सोच की जरूरत है ,
कि आज का समय बीते हुए समय से ,ज्यादा खूबसूरत है ।।
कि आज का समय बीते हुए समय से ,ज्यादा खूबसूरत है ।।
Comments
Post a Comment