खामोश इश्क
होठो पर है उनकी खामोसी, लेकिन दिल मे है मेरे लिए कोई बात।
जताने की है उनको बहोत आस, लेकिन ढूढ़ते है मेरी आंखों में विश्वास ।
आंखों में ढूढ़ते है विस्वास, मनमे रखते है आस ।
कैसे बताये अब उन्हें की ,
एक बार आंखे बंद करो और मन मे दिखे हम तो करलो हमपर विश्वास ।।
अब कहते है कि चलो होगया तुमपर विश्वास, लेकिन कबतक रहोगे मेरे साथ।
कह दिया हमने भी ,
की जबतक चलेगी सास, तबतक रहेंगे हम दोनो एक साथ ।
लो अब तोड़ लिया फूल हमने भी गुलाब का, और काटो को दिया उनमे से झाड़।
सोचा तोडूंगा उनकी होठो की खामोसी, करके उनसे अपने इश्क का इजहार ।।
हाथ मे उनके बिना काटो का गुलाब है, और अब होठो पे सरमिली सी मुश्कान है
अबतो कहदो हमसे प्यार है और हमपर खुदसे ज्यादा विस्वास है ❤️

जताने की है उनको बहोत आस, लेकिन ढूढ़ते है मेरी आंखों में विश्वास ।
कैसे बताये अब उन्हें की ,
एक बार आंखे बंद करो और मन मे दिखे हम तो करलो हमपर विश्वास ।।
कह दिया हमने भी ,
की जबतक चलेगी सास, तबतक रहेंगे हम दोनो एक साथ ।
सोचा तोडूंगा उनकी होठो की खामोसी, करके उनसे अपने इश्क का इजहार ।।
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